हर साल की तरह महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने सितंबर महीने को ‘राष्ट्रीय पोषण माह’ (Rashtriya Poshan Maah) के रूप में घोषित किया है। 9 सितंबर 2026 को वाराणसी के रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह की आधिकारिक शुरुआत की गई है। इस साल की मुख्य थीम “हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी” (Hamari Anganwadi, Hamari Jimmedari) रखी गई है। इस अभियान का सीधा मकसद गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 6 साल तक के बच्चों को कुपोषण से बचाना और उन्हें सरकार की ओर से फ्री सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन (Supplementary Nutrition) व नकद आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।

इस आर्टिकल में आप जानेंगे कि एक आम नागरिक के रूप में आप आंगनवाड़ी सेंटर जाकर इन सरकारी योजनाओं (जैसे PMMVY के तहत 5,000 रुपये) का सीधा लाभ कैसे ले सकते हैं।
Rashtriya Poshan Maah 2026: Highlights (एक नजर में)
पोषण माह 2026 के मुख्य बिंदु, थीम और लाभ लेने वाले वर्गों की जानकारी इस टेबल में स्पष्ट रूप से दी गई है।
| विवरण (Details) | जरूरी जानकारी (Information) |
| अभियान का नाम | 9th Rashtriya Poshan Maah 2026 |
| आयोजन का महीना | 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक |
| नोडल मंत्रालय | Ministry of Women and Child Development |
| 2026 की थीम (Theme) | हमारी आंगनवाड़ी, हमारी जिम्मेदारी |
| योजना के मुख्य लाभार्थी | Pregnant Women, Lactating Mothers, 0-6 साल के बच्चे, किशोरियां |
| पीआईबी आधिकारिक सूचना | PIB Press Release PRID 2307886 |
Pregnant Women के लिए Poshan Maah 2026 में क्या फायदे हैं?
गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) की सेहत और होने वाले बच्चे के सुरक्षित विकास के लिए सरकार इस महीने खास ‘100% सैचुरेशन ड्राइव’ चला रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों (Anganwadi Centres) पर जाकर महिलाएं पोषण 2.0 और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत सीधा फायदा ले सकती हैं।
- PMMVY के तहत ₹5,000 की आर्थिक मदद: राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के दौरान PMMVY योजना के 10 साल पूरे होने का जश्न मनाया जा रहा है। पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सुधार के लिए सीधे बैंक खाते (DBT) में 5,000 रुपये की नकद सहायता दी जाती है। अगर दूसरी संतान बेटी होती है, तो सरकार एकमुश्त 6,000 रुपये का अनुदान देती है। इसके लिए आप PMMVY Official Portal के जरिए अपना रजिस्ट्रेशन स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।
- Take Home Ration (THR): आंगनवाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं (Lactating Mothers) को राशन दिया जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर सूखा राशन (जैसे दालें, फोर्टिफाइड चावल, दलिया) शामिल है ताकि घर पर मां को सही पोषण मिल सके।
- Anemia Mukt Bharat अभियान के तहत मुफ्त दवाएं: देश में खून की कमी (एनीमिया) को रोकने के लिए गर्भवती महिलाओं को मुफ्त आयरन और फोलिक एसिड (IFA) की गोलियां बांटी जा रही हैं।
- रूटीन हेल्थ चेकअप और काउंसलिंग: आंगनवाड़ी वर्कर्स (AWW) और आशा वर्कर महिलाओं का नियमित वजन चेक करती हैं और उन्हें ‘डाइटरी डायवर्सिटी’ (Dietary Diversity) यानी खाने में मोटे अनाज (Millets), हरी सब्जियां और प्रोटीन शामिल करने की सही सलाह देती हैं।
Children (0-6 Years) के लिए Nutrition Campaign के लाभ
छोटे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए शुरूआती 1000 दिन सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं। कुपोषण (Malnutrition) को खत्म करने के लिए सरकार बच्चों को आंगनवाड़ी के माध्यम से कई सुविधाएं दे रही है।
- Fresh Hot Cooked Meals (HCM): पोषण 2.0 के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 साल के बच्चों को अब ताजा पका हुआ गर्म खाना (Hot Cooked Meals) दिया जा रहा है। इस साल से मेनू में स्थानीय सब्जियों, बाजरा, रागी और प्रोटीन से भरपूर दालों को शामिल करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- Poshan Tracker App से रियल-टाइम मॉनिटरिंग: सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य की सटीक निगरानी के लिए Poshan Tracker ऐप लागू किया है। इस ऐप में आंगनवाड़ी वर्कर हर महीने बच्चे का वजन और लंबाई दर्ज करती हैं। इससे यह तुरंत पता चल जाता है कि कौन सा बच्चा अंडरवेट (कम वजन) या स्टंटिंग (नाटापन) का शिकार है, ताकि उसे समय पर एक्स्ट्रा सप्लीमेंट्री न्यूट्रिशन दिया जा सके।
- Early Childhood Care and Education (ECCE): ‘पोषण भी, पढ़ाई भी’ के तहत अब आंगनवाड़ी सिर्फ खाने की जगह नहीं है। नवचेतना और आधारशिला पाठ्यक्रम (Curriculum) का इस्तेमाल करके बच्चों को खेल-खेल में स्कूल के लिए तैयार किया जा रहा है।
- National Deworming Day (कृमि मुक्ति): बच्चों के पेट से कीड़े निकालने के लिए एल्बेंडाजोल (Albendazole) की गोलियां मुफ्त खिलाई जाती हैं, जिससे शरीर में खाया-पिया अच्छे से लगता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) बढ़ती है।
“Hamari Anganwadi, Hamari Jimmedari” थीम का असली मतलब क्या है?
इस साल 2026 की मुख्य थीम का लक्ष्य आंगनवाड़ी को सिर्फ एक सरकारी सेंटर से बदलकर ‘कम्युनिटी ओन्ड’ (समुदाय की जिम्मेदारी) बनाना है।
सरकार ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर ‘आंगनवाड़ी मैनेजमेंट कमेटी’ (Anganwadi Management Committees – AMC) बनाने के आदेश दिए हैं। इस कमेटी में गांव के सरपंच, बच्चों के माता-पिता और स्थानीय लोग शामिल होते हैं। अगर आपके गांव की आंगनवाड़ी में बच्चों को सही खाना नहीं मिल रहा है या राशन वितरण में कोई समस्या है, तो आप इस कमेटी का सदस्य बनकर सीधा जवाब मांग सकते हैं।
पारदर्शिता (Transparency) लाने के लिए अब हर आंगनवाड़ी केंद्र के बाहर ‘SNP Menu Board’ लगाना अनिवार्य हो गया है। इस बोर्ड पर साफ लिखा होगा कि आज बच्चों और महिलाओं को खाने में क्या दिया जाएगा। इसके अलावा, पोषण मेलों (Poshan Melas) का आयोजन किया जा रहा है जहाँ स्थानीय और प्रोटीन युक्त भोजन के बारे में जागरूकता फैलाई जाती है।
Poshan Maah Benefits पाने के लिए Registration कैसे करें?
राष्ट्रीय पोषण माह के सभी फायदों (राशन, PMMVY का पैसा, हॉट कुक्ड मील) को लेने के लिए सही तरीके से रजिस्ट्रेशन करना बहुत जरूरी है। नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें।
- आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क: सबसे पहले अपने गांव या वार्ड के नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र (AWC) में जाएं। वहां की आंगनवाड़ी वर्कर (AWW) या आशा (ASHA) कार्यकर्ता से मिलें।
- जरूरी दस्तावेज जमा करें: अपना और अपने पति का आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी, और मदर-चाइल्ड प्रोटेक्शन (MCP) कार्ड साथ ले जाएं।
- Poshan Tracker में एंट्री: आंगनवाड़ी वर्कर आपका आधार नंबर और मोबाइल नंबर लेकर उसे ‘पोषण ट्रैकर’ सिस्टम में दर्ज करेगी। इस रजिस्ट्रेशन के बिना आपको सरकारी राशन या फंड नहीं मिल सकता।
- DBT के लिए बैंक खाता लिंक करवाएं: PMMVY के 5,000 रुपये सीधे आपके बैंक खाते में आते हैं। इसके लिए यह सुनिश्चित करें कि आपका बैंक खाता UIDAI Aadhaar के जरिए NPCI (National Payments Corporation of India) सर्वर से मैप हो। अगर यह मैप नहीं है, तो पैसा बीच में ही अटक जाएगा।
3 सामान्य गलतियां जो महिलाओं को बेनिफिट्स लेने से रोकती हैं (Expert Fixes)
ज्यादातर महिलाओं को सरकार की तरफ से फंड और राशन अलॉट होता है, लेकिन कुछ तकनीकी गलतियों के कारण उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पाता। इन गलतियों से बचना आपके लिए बहुत जरूरी है।
- PMMVY रजिस्ट्रेशन में देरी: नियम के अनुसार गर्भावस्था (Pregnancy) के रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद PMMVY का फॉर्म भर देना चाहिए। कई महिलाएं बच्चा पैदा होने के बाद फॉर्म भरती हैं, जिससे उनका पहला और दूसरा इंस्टॉलमेंट लैप्स (Lapse) हो जाता है।
- आधार और बैंक खाते में नाम की स्पेलिंग का अलग होना: अगर आपके आधार कार्ड पर नाम ‘Sunita Devi’ है और बैंक पासबुक में सिर्फ ‘Sunita’ लिखा है, तो PFMS (Public Financial Management System) आपका पैसा रिजेक्ट कर देगा। फॉर्म भरने से पहले दोनों जगह स्पेलिंग एक जैसी करवा लें।
- टेक होम राशन (THR) को सिर्फ बच्चों तक सीमित रखना: आंगनवाड़ी से मिलने वाला सूखा राशन गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए होता है, लेकिन कई घरों में इसे परिवार के अन्य सदस्य खा लेते हैं। ध्यान रखें, इस विशेष राशन (जैसे फोर्टिफाइड चावल) का सीधा असर होने वाले बच्चे की ग्रोथ पर पड़ता है।
सितंबर में चलने वाला यह राष्ट्रीय पोषण माह 2026 कोई साधारण सरकारी इवेंट नहीं है, बल्कि यह माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित करने का एक बड़ा मंच है। अपनी आंगनवाड़ी कमेटियों (AMCs) में भाग लें, PMMVY के तहत मिलने वाले 5000 रुपये के लिए अप्लाई करें और सुनिश्चित करें कि आपके बच्चे को सही न्यूट्रिशन मिल रहा है।
